चाहे मुझपर व्यंग्य करो या चाहे तंग करो मुझको
चाहे कहो लिखने के खातिर घर मैं भेजा जाऊँगा
चाहे निलंबित कर दो या सेवा से मुक्त करो मुझको
मैं कवि हूँ दो टुक कहता हूँ फिर भी कविता गाऊँगा
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चाहे कहो लिखने के खातिर घर मैं भेजा जाऊँगा
चाहे निलंबित कर दो या सेवा से मुक्त करो मुझको
मैं कवि हूँ दो टुक कहता हूँ फिर भी कविता गाऊँगा
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वाह ,,, मजा आ गया पाठक जी
ReplyDeleteजबरदस्त
धन्यवाद बड़े भाई
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